गाँव और छोटे कस्बों से बड़े पैमाने पर कौन सा नया व्यवसाय किया जा सकता है?

बड़े पैमाने  से मैं एकदम क्लीन बोल्ड हो चुका क्योकि यदि हम नीचे की सारणी को देखें तो पायेंगे कि तकरीबन बीस हजार व्यवसायी इस देश में आयकर रिटर्न जमा करने वाले तकरीबन छः करोड़ लोगों कि कुल आमदनी में से एक चौथाई से ज्यादा आमदनी अपने-अपने व्यवसाय से सालाना करते हैं. फिर भी वे सब छः अलग-अलग पैमाने में पाये गये हैं.

All Taxpayers - Range of Business Income (AY 2018-19)
All Taxpayers - Range of Business Income (AY 2018-19)

इसी सारणी से हम यह भी जान पाते हैं कि दस लाख या उससे अधिक कमाई करने वाले व्यवसायी इस देश में आयकर रिटर्न जमा करने वाले सारे लोगों कि कुल आमदनी में से एक तिहाई कमाई कर लेते हैं. किन्तु ऐसे लोग हमारी कुल आबादी के महज आधा प्रतिशत ही हैं.

यदि हमें अपने व्यवसाय की स्थापना कमााई करने के उद्देश्य से करनी है तो हमें निवेश के पहिले अच्छे से  को देखकर समझना है कि किसी भी व्यवसाय में पैसा लगाने के पहिले क्या-क्या और क्यों और कैसे नापा जाता है?

बड़े पैमाने पर कौई भी व्यवसाय शुरू करने के पहिले यदि हमने हमारे लाभ की सुनिश्चितता के लिये कौई पुख्ता तैयारी नहीं करके रखी तो  जैसे अपने ही कज़िन (मसलन हमारे ममेरे या फुफेरे भाई इत्यादि जिन्हें हमारी राई-रत्ती जानकारी हो सकती है; से कैसे भविष्य में बचायंगे? या फिर अपने व्यवसायिक हित साधने के चक्कर में रिश्तों में खटास का मट्ठा तो नहीं डालने के दौषी बनेंगे?

यदि हमारा उद्दैश्य ढैर सारी पूंजी फसाकर बरसों कराहते और संघर्षरत रहकर कर्ज में डूबना या अपने ही रिश्तेदारों से कम्पटीशन का शिकार बनना है; तो हम हर व्यवसाय को करने को स्वतंत्र हैं किन्तु यदि हम अपने व्यवसाय द्वारा अपने देश के सबसे अमीर आधा प्रतिशत लोगों की जमात में इसी वर्ष शामिल होना चाहते है, वो भी बगैर कोई पूंजी लगाये, तो पारकेम्प अनुज्ञाधारी शिविर समन्वयक बनने का प्रयास करें

मेंरी जिन्दगी के प्रदीर्घ अनुभव से मैं इस नतीजे पर पहुंचा हूं कि प्रत्येक व्यक्ति दस हजार अन्य लोगों की तुलना में कम से कम एक काम बेहतर तरीके से कर सकता है। और आपको अचम्भित करने वाला तथ्य यह है कि उस व्यक्ति को उस काम करने में इतना मजा़ आता है कि उसे लगता ही नहीं कि वह काम कर रहा है.

अब जरा कयास लगाइये कि यदि आपके हाथ मैं ऐसा दिया आ जाये जिससे आप भी अपने आसपास के हजारों लोगों के अन्दर छिपी प्रतिभा जान जायें और उन्हें ऐसी जगह काम पर लगवा दे जहां उनके हुनर की सर्वाधिक जरूरत भी हो और कीमत भी.

जरा सोचें कि ऐसी परिस्थिती में जब वह व्यक्ति जो अभी अभी तक बैरोजगार ही था परन्तु आपके दीपक की एक चिनगारी की बदौलत लाखों रुपये कमाने लगे; उसके मां-बाप, भाई, बहन उसके रिश्तेदार और उसके मित्रों की नजर में आपके प्रति श्रद्धा कितनी बड़ जायगी?

अब जरा विचार करें इस परिस्थिति मैं आपके चारों ओर के अन्य बैरोजगार या अल्पवैतनिक आपसे कैसे व्यवहार करेंगे, आपके समाज में, गांव देहात में, आपके कस्बे में आपको किन नजरों से देखा जायेगा? आपकी अमीरी का स्तर कहां पहुंच जायेगा?

यदि यही दीपक आप अपने कालेज के ऐसे सहपाठियों, रिश्तेदारों और मित्रों से शेअर करें जो आपके गांव देहात या आपके कस्बे के बाहर रहते हों; तब आपका प्रभाव देश के किस-किस कोने तक नहीं पहुंच जायेगा?

अब जरा इस फेण्टेसी में दीपक को निकाल कर उसकी जगह मे पारकेम्प® अनुज्ञाधारी शिविर समन्वयक को रख लें तो आपकी यही फेण्टेसी जमीनी हकीकत में बदलते देर कितनी लगेगी सोचें?

यदि आप वास्तव में अपनी अमीरी के लिये वचनबद्ध होकर काम करने को इच्छुक हैं तब आपका यह कदम न सिर्फ आपको भारत में अमीर बनने में मदद करेगा बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था डॉलर 5 ट्रिलियन तक पहुंचाने में भी मदद करेगा