आईआईओडब्लयूसी01

परिभाषा

समृद्धि की परिभाषा

वर्तमान समय में उत्पादित मूर्त या अमूर्त, परिवार की जरूरत से परे वह अधिशेष; जिसे निडर होकर, किसी के साथ साझा कर सकें, भले ही लेने वाले को जानते न हों, परिवार की समृद्धी है.

उद्देश्य

आईआईओडब्लयूसी01 मानक के उद्देश्य हैं:

इन मानकों का पालन, जो भी करे, पहिले दिन से ही, उन्हें इसका लाभ व आनंद मिले।

इन मानकों के अनुयायी की वर्तमान स्थिति, चालू वर्ष के अन्त तक, समृद्धि के मायने में; दोगुनी हो।

मानक

दैनिक कार्यकलाप के आईआईओडब्लयूसी01 मानक

1. आईआईओडब्लयूसी01 मानक के अनुयायी, आज व आगे के पूरे जीवन में, स्वयम् के प्रत्येक कार्यकलाप में, स्वयम् से पूछें कि, स्वत: के द्वारा किये जाने वाला; यह कार्य, स्वत: के स्वास्थ्य के लिए, पर्याप्त गर्वकारक है या नहीं?

2. आईआईओडब्लयूसी01 मानक के अनुयायी, आज व आगे के पूरे जीवन में, स्वयम् के प्रत्येक कार्यकलाप में, स्वयम् से पूछें कि, स्वत: के द्वारा किये जाने वाला; यह कार्य, स्वत: के परिवार के लिए, पर्याप्त गर्वकारक है या नहीं?

3. आईआईओडब्लयूसी01 मानक के अनुयायी, आज व आगे के पूरे जीवन में, स्वयम् के प्रत्येक कार्यकलाप में, स्वयम् से पूछें कि, स्वत: के द्वारा किये जाने वाला; यह कार्य, स्वत: की माँ के साथ निडर होकर साझा करने के लिए, पर्याप्त गर्वकारक है या नहीं?

4. आईआईओडब्लयूसी01 मानक के अनुयायी, आज व आगे के पूरे जीवन में, स्वयम् के प्रत्येक कार्यकलाप में, स्वयम् से पूछें कि, स्वत: के द्वारा किये जाने वाला; यह कार्य, स्वत: के सपने साकार करने की ओर अग्रसर करने के लिए, पर्याप्त आवश्यक है या नहीं?

5. आईआईओडब्लयूसी01 मानक के अनुयायी, आज व आगे के पूरे जीवन में, स्वयम् के प्रत्येक कार्यकलाप में, स्वयम् से पूछें कि, स्वत: के द्वारा किये जाने वाला; यह कार्य, स्वत: के साथी, सहयोगी, दोस्त या रिश्तेदार के लिए, पर्याप्त गर्वकारक है या नहीं?

6. आईआईओडब्लयूसी01 मानक के अनुयायी, आज व आगे के पूरे जीवन में, स्वयम् के प्रत्येक कार्यकलाप में, स्वयम् से पूछें कि, स्वत: के द्वारा किये जाने वाला; यह कार्य, स्वत: की वरिष्ठ पीढ़ी के लिए, पर्याप्त गर्वकारक है या नहीं?

7. आईआईओडब्लयूसी01 मानक के अनुयायी, आज व आगे के पूरे जीवन में, स्वयम् के प्रत्येक कार्यकलाप में, स्वयम् से पूछें कि, स्वत: के द्वारा किये जाने वाला; यह कार्य, स्वत: की कनिष्ठ पीढ़ी के लिए, पर्याप्त गर्वकारक है या नहीं?

8. आईआईओडब्लयूसी01 मानक के अनुयायी, आज व आगे के पूरे जीवन में, स्वयम् के प्रत्येक कार्यकलाप में, स्वयम् से पूछें कि, स्वत: के द्वारा किये जाने वाला; यह कार्य, स्वत: के संस्थान, ग्राहक, और अन्य नागरिकों के लिए, पर्याप्त गर्वकारक है या नहीं?

9. आईआईओडब्लयूसी01 मानक के अनुयायी, आज व आगे के पूरे जीवन में, स्वयम् के प्रत्येक कार्यकलाप में, स्वयम् से पूछें कि, स्वत: के द्वारा किये जाने वाला; यह कार्य, स्वत: की प्रतिभा को बढ़ावा देने के लिए, पर्याप्त आवश्यक है या नहीं?

10. आईआईओडब्लयूसी01 मानक के अनुयायी, आज व आगे के पूरे जीवन में, स्वयम् के प्रत्येक कार्यकलाप में, स्वयम् से पूछें कि, स्वत: के द्वारा किये जाने वाला; यह कार्य, स्वत: की पूर्व उपलब्धि से आगे बड़ने के लिए, पर्याप्त आवश्यक है या नहीं?

11. आईआईओडब्लयूसी01 मानक के अनुयायी, आज व आगे के पूरे जीवन में, स्वयम् के प्रत्येक कार्यकलाप में, स्वयम् से पूछें कि, स्वत: के द्वारा किये जाने वाला; यह कार्य, स्वत: की अधिक गति के लिए, पर्याप्त आवश्यक है या नहीं?

12. आईआईओडब्लयूसी01 मानक के अनुयायी, आज व आगे के पूरे जीवन में, स्वयम् के प्रत्येक कार्यकलाप में, स्वयम् से पूछें कि, स्वत: के द्वारा किये जाने वाला; यह कार्य, स्वत: के वर्तमान और भविष्य की वचनबद्धता के लिए, पर्याप्त गर्वकारक है या नहीं?

13. आईआईओडब्लयूसी01 मानक के अनुयायी, आज व आगे के पूरे जीवन में, स्वयम् के प्रत्येक कार्यकलाप में, स्वयम् से पूछें कि, स्वत: के द्वारा किये जाने वाला; यह कार्य, स्वत: की कल्पकता के लिए, पर्याप्त गर्वकारक है या नहीं?

14. आईआईओडब्लयूसी01 मानक के अनुयायी, आज व आगे के पूरे जीवन में, स्वयम् के प्रत्येक कार्यकलाप में, स्वयम् से पूछें कि, स्वत: के द्वारा किये जाने वाला; यह कार्य, स्वत: की उत्कृष्टता के लिए, पर्याप्त गर्वकारक है या नहीं?

15. आईआईओडब्लयूसी01 मानक के अनुयायी, आज व आगे के पूरे जीवन में, स्वयम् के प्रत्येक कार्यकलाप में, स्वयम् से पूछें कि, स्वत: के द्वारा किये जाने वाला; यह कार्य, स्वत: की शालीनता के लिए, पर्याप्त गर्वकारक है या नहीं?

16. आईआईओडब्लयूसी01 मानक के अनुयायी, आज व आगे के पूरे जीवन में, स्वयम् के प्रत्येक कार्यकलाप में, स्वयम् से पूछें कि, स्वत: के द्वारा किये जाने वाला; यह कार्य, स्वत: की पारदर्शिता के लिए, पर्याप्त गर्वकारक है या नहीं?

17. आईआईओडब्लयूसी01 मानक के अनुयायी, आज व आगे के पूरे जीवन में, स्वयम् के प्रत्येक कार्यकलाप में, स्वयम् से पूछें कि, स्वत: के द्वारा किये जाने वाला; यह कार्य, स्वत: के महान सुसंयोग के लिए, पर्याप्त आवश्यक है या नहीं?

18. आईआईओडब्लयूसी01 मानक के अनुयायी, आज व आगे के पूरे जीवन में, स्वयम् के प्रत्येक कार्यकलाप में, स्वयम् से पूछें कि, स्वत: के द्वारा किये जाने वाला; यह कार्य, सार्वजनिक हित के लिए, पर्याप्त उचित व गर्वकारक है या नहीं?

19. आईआईओडब्लयूसी01 मानक के अनुयायी, आज व आगे के पूरे जीवन में, स्वयम् के प्रत्येक कार्यकलाप में, स्वयम् से पूछें कि, स्वत: के द्वारा किये जाने वाला; यह कार्य, स्वत: की महानता के लिए, पर्याप्त आवश्यक है या नहीं?

20. आईआईओडब्लयूसी01 मानक के अनुयायी, आज व आगे के पूरे जीवन में, स्वयम् के प्रत्येक कार्यकलाप में, स्वयम् से पूछें कि, स्वत: के द्वारा किये जाने वाला; यह कार्य, स्वत: के पर्यावरण के लिए, पर्याप्त गर्वकारक है या नहीं?

21. आईआईओडब्लयूसी01 मानक के अनुयायी, आज व आगे के पूरे जीवन में, स्वयम् के प्रत्येक कार्यकलाप में, स्वयम् से पूछें कि, स्वत: के द्वारा किये जाने वाला; यह कार्य, स्वत: के राष्ट्र हैतु, पर्याप्त गर्वकारक है या नहीं?

22. आईआईओडब्लयूसी01 मानक के अनुयायी, आज व आगे के पूरे जीवन में, स्वयम् के प्रत्येक कार्यकलाप में, स्वयम् से पूछें कि, स्वत: के द्वारा किये जाने वाला; यह कार्य, मानवता हैतु, पर्याप्त गर्वकारक है या नहीं?

आईआईओडब्लयूसी01